ग्वालियर के कृषि कॉलेज में 2021–22 और 2022–23 के खरीफ में RMH 1899 सुपर मक्का को हर मानक मौसम-सप्ताह देखा गया।
लार्वा अगस्त के शुरुआती 31वें सप्ताह में मिला और तीसरे सप्ताह में चरम पर पहुंचा। पौध-हानि सितंबर की शुरुआत में सबसे अधिक थी।
41वें सप्ताह के बाद लार्वा और नई हानि नहीं मिली। न्यूनतम तापमान का संबंध दोनों वर्षों में लार्वा से था; 2022 में शाम की नमी भी जुड़ी।
यह दो मौसम और एक संकर किस्म का परिणाम है। ICAR सलाह निगरानी, सूखे बीच वाले पौधों को हटाने और प्राकृतिक शत्रु बचाने को प्राथमिक कदम बताती है।
मुख्य बातें
- अध्ययन 2021–22 और 2022–23 के खरीफ में हुआ।
- लार्वा पहली बार अगस्त के आरंभ में दर्ज हुआ।
- पौध-हानि सितंबर के आरंभ में सबसे अधिक रही।
स्रोत और संदर्भ
- The Indian Journal of Agricultural Sciences / ICAR · Effect of weather parameters on the seasonal incidence of maize stem borer in the Gird region of Madhya Pradesh ↗19 नवंबर 2025
- भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद · ICAR Kharif Agro-Advisories for Farmers 2025 ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 16 सितंबर 2026।



